सूर्य की अनिष्ट शांति

  • “ॐ घ्रणि: सूर्य आदित्य ॐ” मंत्र का अधिक से अधिक जाप करे|  कम से कम 108 बार अवश्य करे|
  • मणिक्य रत्न या ताम्र मुद्रिका धारण करे| रविवार को सुबह सूर्योदय से एक घंटे के समय तक कर सकते, सोने/तांबे में पंचामृत से शुद्ध करके, अनामिका अंगुली में|
  • श्वेत अर्क की समिधाओ से रविवार को हवन करे|
  • रविवार को नमक व तेल से बनी वस्तुए नही खाए| कुछ समय के लिए दोनों ही पदार्थो का त्याग करे|
  • ताम्र-पत्र, नमक व घी तथा लाल वस्त्र व लाल पुष्पों का रविवार को दान करे|
  • रविवार का व्रत करे|
  • आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करे|
  • अपने पिता की सेवा करे|
  • रविवार को सिद्धि योग में सूर्य यंत्र धारण करे|
  • रविवार को गुड व गेंहू सांड को खिलावे|
  • चीनी सौफ छुआरे का दान करे|
  • नारियल-बादाम धर्म स्थान में दान देवे|
  • सात तांबे के चौरस टुकड़े रविवार को मिटटी में दबावे|

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