शुक्र की अनिष्ट शांति

  • “ॐ शु. शुक्राय नम:” मंत्र का अधिक से अधिक जाप करे|
  • कुलदेवी की आराधना करे|
  • पके हुए चावलों में घी-बुरा मिलाकर वृषभ(बैल) को खिलाए|
  • कन्याओ का पूजन करे, भोजन कराएं और भेंट देवे|
  • श्रीसूक्त या लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करे|
  • शुक्रवार को हीरा रत्न धारण करे|
  • शुक्रवार को खट्टी वस्तुओ का सेवन करे या नही करे|
  • महिलाएं सुहागन स्त्रियों को श्रृंगार की वस्तुए भेंट करे|
  • शुक्रवार को सिद्धि योग में ‘मंजिष्ठ’ वृक्ष की जड धारण करे|
  • गुलर वृक्ष की काष्ठ से हवन करे|
  • प्रिंटेड वस्त्र, सुंदर जरीदार दुपट्टे, सफेद घोडा, सफेद गाय, हीरा, दर्पण, सुवर्ण, चावल, सुगन्धित पदार्थ, घी तथा चाँदी, इन वस्तुओं का सामर्थ्य के अनुसार दान करे|
  • भगवान शंकर के परिवार का पूजन करे|
  • किसी आँख वाले या वक्र दृष्टि वाले ब्राह्मण को भोजन करावे और चावल व चाँदी का सिक्का तथा यथोचित रंगीन वस्त्र(काला, पीला व लाल नही हो) का दान करे|
  • शुक्रवार को सिद्धि योग में देवी गंधास्थक से भोजपत्र पर अनार की कलम से शुक्र यंत्र लिख कर चाँदी के खोल में रख कर धारण करे|
  • दुर्गा चालीसा या दुर्गा जी के बत्तीस नाम का पाठ करे|
  • शुक्रवार को कबूतरों को ज्वार डालें|
INDIAN INSTITUTE OF ASTROLOGY & GEMOLOGY © 2019 . All Rights Reserved | IIAG