चंद्रमा की अनिष्ट शांति

  • “ॐ श्रा श्री श्रो स: चन्द्रमसे नम:” मंत्र का जाप करे|
  • मोती रत्न चाँदी में जड वाकर धारण करे| सवा 5 रति अनामिका, कनिष्टका, गले में सोमवार सुबह सूर्योदय से 1 घंटे तक(चाँदी में) की अंगूठी में धारण करे|
  • भगवान शंकर पर दूध चढ़ाए|
  • पूर्णिमा व अमावस्या का व्रत रखे|
  • महिलाएं सोमवार को व्रत रखे|
  • बालको के लिए चाँदी की कटोरी या गिलास में मीठा दूध चंद्रमा की चांदनी में शीतल करके पिलावे|
  • चाँदी के पात्र में रात को जल भरकर रखे और प्रातः में उसे पी लेवे|
  • पलाश की समिधा में हवन करे|
  • श्वेत वस्त्र अधिक पहने|(केवल पुरुष वर्ग)
  • चाँदी, चावल, चीनी, दूध, दही, श्वेत वस्त्र, चन्दन का दान करे तथा श्वेत पुष्पों से चंद्रमा का पूजन करे|
  • सोमवार को सिद्धि योग में “चन्द्र यंत्र” भोज पत्र चाँदी के पत्र पर लिख कर धारण करे|
  • “ॐ नम:शिवाय” मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करे| 
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