केतु की अनिष्ट शांति

  • “ॐ कें केतवे नम:” मंत्र का अधिक से अधिक जाप करे| कुषा के द्वारा हवन करे|
  • हनुमान जी की आराधना करे और मन्दिर में ध्वजा चढ़ाए|
  • शीशे की बनी वस्तुओ का तथा स्प्त्धान्यो का दान करे|
  • भोजपत्र पर केतु यंत्र लिख कर धारण करे|
  • लहसुनिया रत्न धारण करे|
  • जल में कुशा डाल कर पीपल की जड़ में चढ़ाए|
  • सप्त धान्य का दान करे या पक्षियों को डालें|
  • सात तरह के फल गरीबो में बाटे बकरे को चारा डाले|
  • गणेश मन्दिर में हरे मूंग व धूब चढ़ावे|
  • गणेश मंत्र का जाप करे|(“ॐ गं गणपतये नम:”) या 108 नाम की अष्टोत्री का पाठ करे|

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