गुरु की अनिष्ट शांति

  • “ॐ ब्र ब्रह्सप्त्ये नम:” मंत्र का अधिक से अधिक जाप करे|
  • ब्रहस्पति वार का व्रत करे और नमक रहित बेसन से बना भोजन ग्रहण करे|
  • ब्रहस्पतिवार को तजा रोटी के साथ भीगी हुई चने की दाल और गुड गाय को खिलाए|
  • पीले वस्त्र पहने|
  • पुखराज या सुनहरा रत्न तर्जनी अंगुली में धारण करे|
  • धार्मिक पुस्तको को धारण करे|
  • गुरु व ब्राह्मणों की सेवा और उन्हें दान देवे|
  • गुरुवार को सिद्धि योग में भ्रंगराज या केले की जड निकालकर, पीले कपड़े में लपेटकर धारण करे|
  • केसर चन्दन का टिका लगाए या केसर मन्दिर में दान करे|
  • तीर्थ स्थानों की यात्रा और मन्दिरों में दर्शन करे|
  • पीपल की काष्ठ से हवन करे|
  • गुरुवार को ही सिद्धि योग में विष्णु ग्न्धास्तक से अनार की कलम द्वारा भोजपत्र पर यंत्र लिख कर सुवर्ण या पीतल के ताबीज में भरकर धारण करे| ऐसा करने से ब्रहस्पति देव की अशुभता कम होती है|
  • गुड व चने की दाल गाय को खिलाये रोज या गुरुवार को|
  • पिला वस्त्र ब्राह्मण या मन्दिर में दान करे|
  • पिली मिठाई मन्दिर में चढ़ावे बच्चो को बांट देवे|
INDIAN INSTITUTE OF ASTROLOGY & GEMOLOGY © 2019 . All Rights Reserved | IIAG